शुक्रवार, 21 जुलाई 2023

उसने कहा था! (कविता)


उसने कहा था

“मैं चाहती हूँ तुम्हें”

और मैं कभी कुछ  

कह नहीं पाया।

 

उसने कहने से पहले

पूछा था

“तुम चाहते हो मुझे?”

मेरी चुप्पी बहुत कुछ कह गई।

 

कभी-कभी

शब्द नहीं

चुप्पी बोल जाती है

बहुत कुछ।

 

उसने यह नहीं कहा था

“तुम बुरे हो”

उसने जो कहा था

वो याद है मुझे

“तुम अलग हो”

यह कहा था उसने।

 

उसने यह भी नहीं कहा था

तुम अच्छे हो”

उसने जो कहा था

वो याद है मुझे

“तुम चालू नहीं हो”

यह कहा था उसने।

 

 

उसने कहा बहुत कम

मुझसे और उससे  

बस, महसूस किया

उसका महसूसना

बहुत कुछ कह जाता।

 

 

याद है मुझे

“तुम अलग हो”

उसने कहा था।

 

  

@ डॉ. अखिलेश महस्वा

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